11 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के एर्नाकुलम में 10,800 करोड़ रुपये से अधिक की कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसी अहम मौके पर उन्होंने वेस्ट कल्लदा में 50 मेगावाट क्षमता वाले फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट की आधारशिला भी रखी। यह नई परियोजना देश में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। भारत सरकार के ‘विकसित केरल – विकसित भारत’ दृष्टिकोण को साकार करने वाली इस पहल का जिम्मा बिजली मंत्रालय के अधीन काम करने वाली नवरत्न कंपनी एनएचपीसी लिमिटेड (NHPC Limited) को सौंपा गया है। साल 1975 में स्थापित यह लार्ज-कैप कंपनी मुख्य रूप से पनबिजली और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार करने और उन्हें विकसित करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है।
सौर ऊर्जा में भारत की बढ़ती ताकत और परियोजना का महत्व
जल निकायों पर सोलर पैनल लगाने की यह तकनीक एक बेहद इनोवेटिव पहल है, जिससे कीमती जमीन की काफी बचत होती है। इस 50 मेगावाट की फ्लोटिंग (तैरती हुई) सौर परियोजना पर कुल 260 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया जा रहा है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की सोलर पार्क योजना के तहत इसे विकसित किया जा रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि यह प्रोजेक्ट भारत के कार्बन उत्सर्जन को कम करने और सस्टेनेबल एनर्जी के लक्ष्यों को हासिल करने में काफी मददगार साबित होगा। भारत पहले ही दुनिया के शीर्ष दस सौर ऊर्जा उत्पादक देशों में अपना मजबूत मुकाम बना चुका है। ऐसे में केरल जैसे राज्यों में फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स की क्षमता का अधिक से अधिक इस्तेमाल करना समय की मांग है। शिलान्यास समारोह में केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य एवं मत्स्य पालन राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
एनएचपीसी का वित्तीय प्रदर्शन और बाजार में हिस्सेदारी
क्लीन एनर्जी सेक्टर में भारत के ट्रांजिशन का नेतृत्व कर रही एनएचपीसी शेयर बाजार में भी अपनी एक ठोस पहचान रखती है। कंपनी का मौजूदा बाजार पूंजीकरण 74,514 से 75,116 करोड़ रुपये के आसपास है। हालिया कारोबारी सत्र में कंपनी के शेयरों में 1.80% (1.33 रुपये) की तेजी देखी गई और यह 74.78 रुपये पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान शेयर ने 76.36 का उच्च और 72.76 का निचला स्तर छुआ था। पिछले एक साल यानी 52 हफ्तों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो इसके शेयर की कीमत 71.62 से 92.34 रुपये के बीच रही है। इसके अन्य प्रमुख तकनीकी आंकड़ों में 23.78 का पी/ई अनुपात, 2.08 का पी/बी अनुपात और 3.15 की प्रति शेयर आय (EPS) शामिल हैं। कंपनी के शेयर निवेशकों को 2.55% का लाभांश प्रतिफल भी प्रदान करते हैं।
हालिया तिमाही के वित्तीय नतीजे
बाजार में मजबूत पकड़ बनाए रखने के बावजूद हालिया तिमाही नतीजों में कंपनी की बिक्री में थोड़ी सुस्ती दर्ज की गई है। नवीनतम समाप्त तिमाही में एनएचपीसी की समेकित बिक्री 2492.83 करोड़ रुपये रही। यह आंकड़ा पिछली तिमाही की 3629.98 करोड़ रुपये की बिक्री के मुकाबले 31.33% कम है। वहीं, पिछले साल की इसी अवधि में हुई 2616.89 करोड़ रुपये की बिक्री की तुलना में भी इसमें 4.74% की गिरावट आई है। हालांकि, बिक्री के आंकड़ों में इस कमी के बाद भी नवीनतम तिमाही में कंपनी ने टैक्स चुकाने के बाद 319.64 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। कुल मिलाकर यह नवरत्न कंपनी अपने वित्तीय संतुलन को साधते हुए देश की ऊर्जा जरूरतों और ग्रीन एनर्जी लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।