हरियाणा के प्रोफेसर ने बनाया ऐसा घर, गर्मियों में भी रहेगी AC जैसी ठंडक, जानें अन्य खासियत

रोहतक | हरियाणा के रोहतक में एक प्रोफेसर ने अनोखा कारनामा कर दिखाया है. इस तपती गर्मी से बचने के लिए डॉ शिवदर्शन मलिक नाम के इस व्यक्ति ने एक ऐसा घर बनाया है. जिसमे आपको गर्मी का बिलकुल एहसास नहीं होगा. शिवदर्शन मलिक के इस घर में भरी गर्मियों में भी एसी जैसी ठंडक रहेगी. शायद आप सभी लोगो ने मिटटी और घास-फूंस के घर तो गाँव में देखें होंगी. लेकिन आपको ये सुनकर आश्चर्य होगा कि शिवदर्शन मलिक ने ये घर गोबर से तैयार किया है. आइये जान लेते है प्रोफेसर के इस अनोखे घर की खासियत क्या है.

gober house

ऐसे आया आईडिया

बता दें रोहतक के डॉ शिवदर्शन मलिक केमिस्ट्री के प्रोफेसर है. उनके दिमाग में गोबर से घर बनाने का ये आईडिया कुछ ऐसे आया कि एक दिन शिवदर्शन मलिक अपने घर पर सोये हुए थे. इतने में उनकी बिजली चली गई. और बिजली जाते ही शिवदर्शन एकदम गर्मी से बेचैन होने लगे. इसके बाद वो गर्मी से बचने के उपाय सोचने लगे. और तभी सोचते सोचते उनके दिमाग में ये गोबर से घर बनाने का विचार आया. डॉ शिवदर्शन मलिक ने बताया की उन्होंने ये घर खुद गोबर की ईंट और वैदिक प्लास्टर बनाकर तैयार किया है.

घर की खासियत

डॉ शिवदर्शन मलिक से जब गाँव वालों ने सवाल किये कि उनका यह गोबर से बना घर गल जायेगा. और जल्दी आग पकड़ लेगा तो इसके जवाब में प्रोफेसर साहब ने कहा कि गौक्रिट या वैदिक प्लास्टर को जब आप उपयोग करते हैं तो इसमें गोबर की मात्रा होने के कारण यह ना हीं जलता है और ना ही गलता है. इसके साथ ही इसमें रेडिएशन का भी खतरा नहीं रहता है. वही मलिक जी ने बताया गोबर से बने इस घर का तापमान बाहर से करीब 7 डिग्री कम रहता है. इस घर में ईंट, सीमेंट, बालू और सरिया का बिलकुल भी इस्तेमाल नहीं किया गया है. इसकी जगह मिट्टी, चूना और स्थानीय वनस्पति चीजों का यूज हुआ है. बता दें गाय के गोबर में ग्वारगम, जिप्सम, चिकनी मिट्टी, और नींबू पाउडर का इस्तेमाल करके वैदिक प्लास्टर बनाया जाता है. इसी की वजह से उनका यह घर सस्ता होने के साथ अन्य घरो की तुलना में सस्ता है. इसके साथ ही यह घर पर्यावरण के प्रति भी अच्छा है. इस घर में एसी जैसी ठंडक से आपको बिजली बिल से भी छुटकारा मिलेगा.

विदेशो तक चर्चा

डॉ शिवदर्शन मलिक ने केमिस्ट्री से PHD की है. इसके बाद उन्होंने नौकरी भी की है. इसके बाद उन्होंने साल 2000 में IIT दिल्ली के साथ मिलकर एक प्रोजेक्ट पर काम किया. इसके तहत उन्होंने गाय के गोबर और एग्री वेस्ट के लाभ जाने. और उसी के आधार पर शिवदर्शन मलिक ने गोबर का घर तैयार किया. उन्होंने बताया वो इस घर को बनाने की ट्रेंनिंग भी देते है और अबतक वो करीब 150 लोगो को इसकी ट्रेनिंग दे भी चुके है. वही इस तकनीक से पंजाब, तमिलनाडु, जयपुर, अजमेर, छतीसगढ़ आदि के लोग घर बना चुके है. डॉक्टर शिवदर्शन मलिक ने बताया जब उन्हें अमेरिका जाने का मौका मिला तो उन्होंने वहां देखा कि कि भांग के पत्तों में चुना मिलाकर हैमक्रिट तैयार करना संभव है. इसी से उन्हें गाय के गोबर से प्लास्टर बनाने का ख़्याल आया. और आज वो इसी दिशा में बेहतरीन कार्य कर रहे है. उनके इस घर को आज दूर-दूर से लोग देखने आते है. और विदेशो तक आज शिवदर्शन मलिक जी के काम की चर्चा है.

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