हरियाणा लोक सेवा आयोग ने स्थगित की HCS प्री की परीक्षा, अब इस दिन होगी परीक्षा

चंडीगढ़ | हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) ने एचसीएससी प्री (कार्यकारी शाखा) को लेकर एक बड़ा फैसला सुना दिया है. दरअसल, एचपीएससी ने डेंटल सर्जन की परीक्षा के बाद अब HCS प्री की परीक्षा को स्थगित कर दिया है. इसके साथ ही HCS प्री की परीक्षा की नई तारीख़े भी जारी कर दी है. अब HCS प्री की परीक्षा 10 जुलाई के बजाय 24 जुलाई 2022 को दो सेशन में होगी. हालांकि परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड, रोल नंबर और परीक्षा केंद्र में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

HPSC

बता दें हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) ने HCS प्री की परीक्षा से पहले 19 जून को होने वाली डेंटल सर्जन की परीक्षा को भी स्थगित कर दिया था. जिसके बाद इस परीक्षा को 26 जून कराने का एलान किया गया था. वही अब एचपीएससी ने HCS प्री की परीक्षा को भी स्थगित कर नई डेट जारी कर दी है. वही जब आयोग से इन परीक्षाओं के स्थगित करने की वजह पूछी तो आयोग द्वारा प्रशासनिक कारण बताया.

आयोग द्वारा एचसीएस के 156 और डेंटल सर्जन के 81 पदों के लिए फरवरी 2021 में आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी. जिसमे एचसीएस परीक्षा के लिए 1 लाख 42 हजार ने आवेदन किया था. जिसके बाद 12 सिंतबर को परीक्षा आयोजित हुई थी जबकि 26 सितंबर को डेंटल सर्जन की परीक्षा आयोजित की गई थी. वही आयोग द्वारा इन दोनों परीक्षाओं के परिणाम भी जारी कर दिए गए थे, परंतु परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर 2 मई 2022 को दोनों भर्तियों की परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थी. जिसके बाद दोनों परीक्षाओं को दुबारा नए सिरे से कराने का फैसला किया गया था.

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डेंटल सर्जन और HCS प्री परीक्षाओं में हुआ ये फर्जीवाड़ा

डेंटल सर्जन और एचसीएस प्री की परीक्षा के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था, जिसके चलते ये दोनों परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थी. बताया जा रहा है इन दोनों परीक्षाओ में परीक्षा पास कराने को लेकर परीक्षार्थियों से करोड़ों रूपये क डील की गई थी. विजिलेंस टीम ने 17 नवंबर को छापेमारी करके भिवानी निवासी नवीन को पंचकूला में ही 20 लाख रुपये लेते पकड़ा था.

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इसके बाद, एचपीएससी के उप सचिव अनिल नागर को 90 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया था. जब विजिलेंस टीम ने इन अधिकारियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि परीक्षा पास कराने के लिए अभ्यर्थियों से 20 से 30 लाख रुपये पर सौदा किया गया था. जिसमे से नागर ने कुल 18 अभ्यर्थी पास कराये थे, जिनमे 5 एचसीएस के और 13 डेंटल सर्जन थे. इस तरह इन दोनों परीक्षाओ में बड़े अधिकारी भी शामिल थे. जिसका खुलासा होने के बाद ये दोनों परीक्षाएं रद्द करके दुबारा कराने का फैसला हुआ.

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