SBI को छोड़कर सभी सरकारी बैंक होंगे प्राइवेट, सितंबर तक हो सकता है प्राइवेटाइजेशन

नई दिल्ली | देश में सरकारी बैंको के निजीकरण (Bank Privatization) को लेकर तेजी से कार्य चल रहा है. ऐसे में तमाम बैंक कर्मी इसके विरोध में हड़ताल भी कर रहे है. सरकार लगभग सभी सरकारी बैंको को प्राइवेट बनाने जा रही है. ऐसे में बताया जा रहा है सरकार की ओर से बहुत जल्द दो सरकारी बैंको का निजीकरण हो सकता है. जिसकी लगभग सभी तैयारियां भी पूरी कर ली गई है. कई कंपनियों के लिए बोलियां तक शुरू हो चुकी है. ऐसे में सरकार बहुत जल्द बैंको के इस प्राइवेटाइजेशन की ओर तेजी से कदम आगे बढ़ा रही है.

SBI

सितंबर तक हो सकता है प्राइवेटाइजेशन

सूत्रों की मानें तो सितम्बर तक प्राइवेटाइजेशन शुरू हो सकता है. इसी बीच देश के दो प्रमुख अर्थशास्त्रियों का कहना है कि सरकार स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) को छोड़कर सभी बैंको को प्राइवेट करने जा रही है. बता दें नीति आयोग के पूर्व उपाध्‍यक्ष और कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अरविंद पनगढिया (Professor Arvind Panagariya) और एनसीएईआर की डायरेक्‍टर जनरल और प्रधानमंत्री को आर्थिक विषयों पर सलाह देने वाली परिषद की सदस्‍य पूनम गुप्‍ता (Poonam Gupta) ने सरकार को यह बड़ी सलाह दी है.

वही दूसरी ओर इंडिया पॉलिसी फोरम में पेश पनगढिया और गुप्‍ता ने एक पॉलिसी पेपर में कहा है, कि सरकारी बैंको का प्राइवेटाइजेशन होना हमारे हित में है.  बैंको के प्राइवेट सेक्टर में जाने से RBI पर भी दवाब भी दवाब बढ़ेगा. कि वह पूरी प्रक्रिया, नियमों और कानूनों को सही ढंग से रखें ताकी अच्छे परिणाम मिल सके.

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ncaer.org की ओर से जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी सरकारी बैंको समेत एसबीआई का भी प्राइवेटाइजेशन होना चाहिए. लेकिन भारत के आर्थिक और राजनीतिक ढांचे में कोई सरकार यह नहीं चाहेगी कि उसके पास कोई सरकारी बैंक नहीं हो. ऐसे में अभी फ़िलहाल एसबीआई के निजीकरण को दूर रखा गया है, लेकिन आने वाले कुछ सालों में अगर स्थिति ठीक होती है तो ऐसे में एसबीआई का भी प्राइवेटाइजेशन हो सकता है.

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सरकार की योजना

मालूम हो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय बजट पेश करते हुए, वित्त वर्ष 2022 में आईडीबीआई बैंक के साथ दो सरकारी बैंकों के निजीकरण (Privatization) का एलान किया था. इसके साथ ही नीति आयोग की ओर से दो PSU बैंक को शॉर्टलिस्ट भी किया गया था. इसके साथ ही वित्त मंत्री ने यह भी एलान किया था कि चालू वित्त वर्ष में एक बीमा कंपनी को बेचा जाएगा. वही अब सवाल यह सामने आ रहा है कि वो कौन से दो बैंक है जो सबसे पहले प्राइवेट होंगे. सूत्रों के अनुसार मिली जानकारी के आधार पर बताया जा रहा है कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक को इसके लिए चुना जा सकता है.

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