जानें क्या है वेस्टर्न और ईस्टर्न एक्सप्रेस वे का हाल क्योंकि, हरियाणा के प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी नहीं हो पाई सुगम

नई दिल्‍ली | वेस्टर्न (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेस वे और ईस्टर्न (कुंडली-गाजियाबाद-पलवल) से प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी सुगम नहीं हो पाई है. इन एक्सप्रेस वे को शुरू हुए लगभग तीन साल से ज्यादा का समय हो गया है परंतु, हरियाणा या उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रमुख शहरों से इसकी कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के मामले में किसी खास प्रकार का रुझान नहीं दिखाया है.

यह दोनों एक्सप्रेस वे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, रोहतक, सोनीपत, झज्जर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद जिला को कुछ दूरी तय करने पर सीधे तौर पर छूते हैं. परन्तु बीते लगभग तीन वर्षो में न तो इन शहरों से पहले की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया गया है और न ही नई कनेक्टिविटी को ले कर किसी भी प्रकार की योजनाएं बनाई गई हैं.

 

Haryana News Background

केवल फरीदाबाद को केजीपी से सीधे कनेक्ट करने की योजना बनी

साफ़ तौर पर एक्सप्रेस वे से शहरों को जोड़ने वाले रास्ते भी भारी वाहनों की क्षमता के मुताबिक़ बनने चाहिए. पहले से बने डिस्ट्रिक मेजर रोड और स्टेट हाईवे की क्षमता सीमित रहती है. फरीदाबाद से केजीपी की सीधी कनेक्विटी करवाने के लिए हरियाणा सरकार ने पहल की है. इसके लिए एनएचएआइ की ओर से लगभग कुल 1600 करोड़ रुपये की प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी तैयार की गई है. कहा जा रहा है कि इसके बाद 30 मिनट का सफर केवल 10 मिनट में पुरा किया जा सकता है. हरदीप सिंह महाजन जो कि हरियाणा स्टेट रोड एंड ब्रिज कारपोरेशन के निदेशक है, यह मुख्य जानकारी उनकी तरफ़ से सांझा की गई है.

केएमपी और केजीपी एक्सप्रेस वे तक पहुंचने से पहले ही थका देता है प्रमुख शहरों की टूटी सड़कों का सफर

यहां पर हम आपको मुख्य रूप से जानकारी दें दे कि केएमपी एक्सप्रेस वे पर पलवल से मानेसर तक कुल 53 किलोमीटर सड़क का उद्घाटन वर्ष 2016 अप्रैल में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा किया गया था. इसके बाद 27 मई वर्ष 2018 को केजीपी का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बागपत रैली में किया और केएमपी के बकाया 83 किलोमीटर मार्ग का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने 19 नवंबर वर्ष 2018 को सोहना रैली से किया था.

इन प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी बेहतर करने की है जरूरत

फरीदाबाद केजीपी एक्सप्रेस-वे पर सफ़र करने के लिए बल्लभगढ़ से मोहना -छांयसा मार्ग अपनाना होता है. इस रास्ते पर दो लेन के इस मार्ग की कारपेंटिंग राज्य सरकार ने एक वर्ष पहले ही की थी. चंदावली ,दयालपुर, मच्छगर, अटाली गांव से जाने वाले इस रास्ते पर जाम की स्थिति रहने की वजह से लगभग आधे घंटे से पहले केजीपी तक नहीं पहुंचा जा सकता है.

सोनीपत यहां केएमपी और केजीपी का जंक्शन बनना है परन्तु राष्ट्रीय राजमार्ग को चौड़ा करने का काम होने से अभी यह जंक्शन का काम पूरा नहीं हो पाया है. ऐसे में केजीपी से आने जाने के लिए सोनीपत से राष्ट्रीय राजमार्ग की एप्रोच रोड ठीक हैं, किन्तु केएमपी की ओर से वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. साथ ही साथ में किसान संगठनों के आंदोलनकारी भी कुंडली बार्डर पर केएमपी की ओर ही जमे हुए हैं. ऐसे में सोनीपत से केएमपी तक पहुंचने के लिए कम से कम आधा घंटे का समय हर हालत में लग जाता है.

गाजियाबाद यहां केएमपी या केजीपी से कनेक्टिविटी डासना और दुहाई शहर से है. डासना से सड़क एनएच -9 को और दुहाई से पुराने दिल्ली-मेरठ रोड को क्रास करती हुई नजर आती है. ऐसे में रेपिड रेल का काम चलने से दुहाई की ओर से आने जाने वाले लोगो को काफ़ी ज्यादा परेशानी होती है. शहर से एक्सप्रेस वे तक 30 मिनट से भी भी अधिक का समय लग जाता है.

गुरुग्राम केएमपी को जोड़ने वाले रास्ते में नूंह के धुलावट के पास भिवाड़ी -सोहना राजमार्ग की हालत अब बहुत बेकार हो चुकी है. पहले सुल्तानपुर के पास भी केएमपी पर चढ़ने व उतरने वाले रास्ते की हालत खराब थी लेकिन दो महीने पहले ही उसे सही कर दिया गया है. कहा जा रहा है कि धुलावट टोल के पास दोनों तरफ की सड़कें अभी खराब हालत में बनी हुई है. इन्हें बनाने की जिम्मेदारी एनएचएआइ की है. आपको बता दें कि अब बारिश के मौसम में सड़क पर हुए बड़े- बड़े गढ्ढों में वाहन फंस जाते हैं.

हमें Google News पर फॉलो करे- क्लिक करे! हरियाणा में कोरोना से जुडी ताज़ा खबरों के लिए अभी जाए कोरोना केस हरियाणा ताज़ा खबर पर.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *