हरियाणा के लिए केंद्र सरकार ने खोले खजाने के दरवाजे, इन ठप्प पड़े रूटों पर चलेंगी शानदार रेलगाड़ी

नई दिल्ली | केंद्र सरकार ने अपने बजट में हरियाणा पर खास मेहरबानी दिखाई है. बता दे कि राज्य के राजमार्ग और हाईवे को बनाने के लिए जहां सरकार ने अपने खजाने के दरवाजे पुरी तरह से खोल दिए हैं, वहीं रेलमार्ग पर भी खास तौर पर अपनी कृपा दिखाई गई है. वर्ष 2022 में पेश किए गए बजट के मुताबिक़ हरियाणा के रेलमार्ग पर केंद्र सरकार ने अपनी पूरी मेहरबानी दिखाई है.इस बजट में कई बंद पड़ी परियोजनाओं को भी शामिल किया गया है. ऐसे में कहा जा सकता है कि यही कारण है कि आने वाले कुछ दिनों में राज्य के कई रूटों पर रेलमार्ग को सुगम कर दिया जाएगा. बजट में हरियाणा के रेल मार्ग पर करोड़ों रुपए का प्रावधान किया गया है.

हरियाणा रेल बजट

Nirmala sitarman

चंडीगढ़ से वाया नारायणगढ़ शुरू होगी नई रेल

यहां पर हम आपको खास तौर पर जानकारी दें दे कि चंडीगढ़ से वाया नारायणगढ़ होते हुए यमुनानगर तक रेल चलाने की मांग काफ़ी सालों पहले रखी गई थी परंतु अब यह पुरी होने जा रही है. ऐसे में लोगों के द्वारा कहा जा रहा है कि इस परियोजना की उम्मीद हमारे में खत्म हो चुकी थी, लेकिन अब इस बजट में केंद्र ने इस मांग को शामिल कर लोगों को उम्मीद की नई किरण दिखाई है.

इसी प्रकार से पानीपत और मेरठ की बीच लाईन बिछाने की योजना को बीते बजट में भी शामिल किया गया था लेकिन यह योजना शुरू होने की जगह पर कागजों में उलझ कर रह गई. दरअसल, अब इस रेल मार्ग को मुनाफे का सौदा बताया गया है लेकिन अभी भी कुछ निजी कारणों के चलते इसे शुरू नहीं किया जा सका है. ऐसे में अब लोगों ने इस मार्ग को शुरू करने पर खुशी जाहिर की है और कहा है कि वह इसका काफी लम्बे अरसे से इंतजार कर रहे थे. इसके साथ ही अंबाला से फिरोजपुर और दिल्ली , मुरादाबाद तथा लखनऊ मंडल के लिए बजट में कुल 13 हजार 282 करोड़ 42 लाख रुपए का प्रावधान रखा गया है. बता दें कि यह बीते बजट के मुकाबले 3422करोड़ रुपए ज्यादा है.

हरियाणा में इन रूटों के लिए पास हुआ बजट

रोहतक-महम-हांसी (86.8 किमी) के लिए आम बजट में 500 करोड़ रुपये, दिल्ली-सोहाना-नूंह-फिराेजपुर झिरका-अलवर (104 किमी) रेल लाइन के लिए बजट में 1239 करोड़ रुपये मंजूर किए जा चुके हैं. इसी दौरान जींद-सोनीपत (88.9 किमी) लाइन के लिए दस करोड़ रुपये, चंडीगढ़-बद्दी (33.23 किमी) के लिए बजट में 450 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. इसी प्रकार रेवाड़ी-रोहतक (81.26 किमी) रोहतक-गोहाना-पानीपत को शिफ्ट करते हुए बाइपास लाइन के आधारभूत बदलाव के साथ कुल 40 करोड़ रुपये की ग्रांट मंजूर की गई है. यमुनानगर-चंडीगढ़ वाया सढौरा-नारायणगढ़ (91 किमी) के लिए पहले ही 876 करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं। इसके अलावा मेरठ-पानीपत (104 किमी) रेल लाइन के लिए 1097 करोड़ रुपये पहले ही मंजूर किए जा चुके हैं।

यहां पर हम आपको मुख्य रूप से जानकारी दें दे कि एक सर्वे में पाया गया है कि पानीपत-मेरठ लाइन बिछाने के बाद रेलवे को एक साल के अंदर अंदर लगभग 44 करोड़ 53 लाख छह हजार दो सौ रुपये मुनाफा हो सकता है. इस परियोजना से रेलवे को बहुत बड़ा मुनाफा हो सकता है परन्तु इस पर भी अभी लाइन बिछाने का काम शुरू नहीं किया गया है.

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