हरियाणा में छात्रों को स्कूल स्तर पर पायलट बनाने की तैयारी, इन क्षेत्रों में खुलेंगे फ्लाइंग स्कूल

करनाल | हरियाणा सरकार चार जगह पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के आधार पर फ्लाइंग स्कूल चलाने की संभावनाओं का पता लगा रही है. कहा जा रहा है कि अभी तक दो जगहों के लिए टेंडर भी अलॉट कर दिए गए हैं. साथ ही साथ हम आपको बता दें कि हिसार में अंतरराष्ट्रीय विमानन केंद्र की स्थापना के अलावा मौजूदा हवाई पट्टियों का सुधारीकरण भी इस दौर में किया जा सकता है. यह फ़ैसला उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की अध्यक्षता में गुरुग्राम में आयोजित नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों की बैठक में लिए गए है.

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चौटाला ने नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों को इस मामले में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए कहा कि महेंद्रगढ़ व भिवानी में पीपीपी आधार पर फ्लाइंग स्कूल चलाने के लिए टेंडर हो चुके हैं. ऐसे में अब जल्द ही करनाल तथा पिंजौर में यह स्कूल चलाने के लिए संभावनाओं का पता लगाया जाए.

उन्होंने महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल के पास बाछौद और भिवानी की हवाई पट्टियों के सुधारीकरण पर विस्तार से चर्चा की. इन हवाई पट्टियों के रनवे पर लाइट लगवाई जाएंगी व हवाई पट्टी के साथ-साथ टैक्सी ट्रैक बनाया जाएगा.

केवल इतना ही नहीं अपितु, टर्मिनल बिल्डिंग एवं नेविगेशन में उपयोगी यंत्र (वीओआर/डीएमई) भी लगाए जाएंगे. नारनौल में एक और अतिरिक्त हैंगर भी स्थापित करने पर सहमति बनी है. वहां ऑफिस भवन के लिए पिंजौर में बनाए गए मॉडल को अपनाया जा सकता है. भिवानी हवाई पट्टी का विस्तार कर लाइट लगवाने का फ़ैसला लिया गया है.

बैठक में गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेस-वे के साथ में प्रस्तावित ग्लोबल सिटी में हेलीपोर्ट और एयरो म्यूजियम विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा भी की गई है. इस मामले में दुष्यंत चौटाला ने कहा कि एयरो म्यूजियम देश में कहीं नहीं है और यदि गुरुग्राम में बनाया जाता है तो फिर यह अपनी तरह का अनूठा प्रयास होगा.

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