करनाल में टोल प्लाजा पर धरने को लेकर विवाद, प्रशासन-किसान आमने सामने

करनाल | हरियाणा में करनाल में बसताड़ा टोल प्लाजा पर आज यानी शुक्रवार को सुबह उपायुक्त निशांत कुमार यादव व पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया जी की अगुवाई में भारी पुलिस बल एवं सीमा सुरक्षा बल के जवान तैनात की गई और फिर वहां से किसानों को हटाया गया. ऐसे में कुछ किसानो व संगठनों के द्वारा शुरू की जा रही लंगर सेवा की तैयारी को भी वहां से हटा दिया गया है.

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टकराव की स्थिति बनी, फिर भी प्रशासन ने दोबारा शुरू नहीं करने दिया धरना प्रदर्शन

दरअसल, एक बार फ़िर से यानी आज ही दोपहर को फिर बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंचे और अपनेअपने स्तर पर प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया. वहीं, कुछ देर तक मौके पर टकराव की स्थिति बनती हुई नजर आई किन्तु, उसके पश्चात भी प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए एक बार फिर से धरना शुरू नहीं होने दिया. ऐसे में वहां मौके पर सैकड़ों किसान और जिला प्रशासन मौके पर मौजूद है.

जाने क्यों, धरना प्रदर्शन की अनुमति को लिया वापस

डिप्टी कमिश्नर की ओर से अपने बयान में स्पष्ट कर दिया गया है कि जो भी घटना दिल्ली में घटित हुई है उसे लेकर टोल प्लाजा के आसपास के गांवों में बसे लोगों के मन में अभी भी आक्रोश है. ऐसे में अब अगर टोल प्लाजा पर धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों का जमावड़ा होता है तो फ़िर जल्द ही टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. यही सबसे बड़ी वजह है कि यहां पर धरना प्रर्दशन करने की अनुमति को वापस ले लिया गया है. साथ ही साथ अब लंगर सेवा को भी स्थगित कर दिया गया है. अगर अब कोई भी व्यक्ति विशेष या फिर संगठन इस नियम का उल्लंघन करता है तो फिर उस स्थिति में प्रशासन उससे सख्ती से निपटे गा.

सरकार के खिलाफ की गई नारेबाजी

वहीं दूसरी ओर, टोहाना के गांव समैण, डांगरा, कन्हडी के साथ साथ कई गांव में पंचायतों का भी आयोजन किया गया है. इस बीच गांव कन्हडी के किसानों ने टाउन पार्क के नजदीक पहुंच कर पहले से ही चल रहे धरने प्रदर्शन को समर्थन दिया है. गांव समैण के किसानों ने हिसार व चंडीगढ़ रोड पर भी जाम लगा कर सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन भी किया है.

रची जा रही है किसान आंदोलन को तोड़ने की साजिश

यहां हम आपको विशेष रूप से बता दें कि सुबह 11 बजे लगाया गया जाम फ़िर दोपहर 2 बजे तक भी नहीं खुला गया था. इस बीच सूबे सिंह समैण के साथ साथ अन्य किसान नेताओ ने स्पष्ट रूप से कहा कि बीजेपी के द्वारा दिल्ली में किसान आंदोलन को लगातार तोड़ने की साजिश रची जा रही है, किन्तु उससे किसान घबराने वाले नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वह दिल्ली में जाकर किसानों को मजबूत करने का काम करेंगे.

वहीं दूसरी ओर सोनीपत में किसानों के विरोध और पक्ष में लगातार पंचायत का आयोजन किया जा रहा है. ऐसे में मनोली गांव में नेशनल हाईवे खाली कराने के लिए भी पंचायत का आयोजन किया जा रहा है, सेरसा और नांगल गांव में किसानों के समर्थन में पंचायत का आयोजन हुआ.

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