इस बार आईटीआई में आसान नहीं होगी दाखिले की डगर, जानिए वजह

शिक्षा जगत | इस बार कोविड-19 माहामारी की वजह से जहां एक तरफ़ बोर्ड की तरफ से दसवीं के सभी विद्यार्थियों को पास किया गया है तो इसी तरह से दुसरी तरफ 12 वीं के विद्यार्थियों को भी पास किया जा सकता है. जिले में दसवीं के कुल 17896 विद्यार्थी पास हैं तो वहीं दूसरी ओर 12 वीं के 13592 विद्यार्थी हैं. दसवीं का रिज़ल्ट आते ही कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग ने भी आईटीआई में दाखिले की प्रक्रिया के लिए गतिविधियां तेज कर दी हैं. इस मामले में अब ऐसा अनुमान है कि जैसे ही 12वीं का परीक्षा परिणाम आएगा तो वैसे ही आईटीआई की दाखिला प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.

आईटीआई
दाखिला प्रकिया पहले की तरह आनलाइन ही होगी. हालांकि, अब तक दाखिला प्रक्रिया में विद्यार्थियों के कम नंबर होने की वजह से दाखिला प्रक्रिया जटिल होती थी किंतु, इस बार शत प्रतिशत अंकों वाले विद्यार्थी बड़े पैमाने पर होने की वजह से दाखिला प्रक्रिया भी मुश्किल होती नजर आ रही है. कहा जा रहा है कि शत प्रतिशत अंकों वाले विद्यार्थियों की मैरिट सूची निकालने में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है. इससे पहले भी बराबर अंकों वाले विद्यार्थियों की विभाग की तरफ से मैरिट सूची जारी की जाती रही है.

आंकड़ों के मुताबिक़ जिले में 9 राजकीय और 10 प्राइवेट आईटीआई चलाए जा रहे हैं. इनमें हर साल लगभग सात हजार विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाता है. ऐसे में बोर्ड की तरफ से सभी विद्यार्थी पास किए जाने से लगभग 30 हजार में से 20 हजार विद्यार्थियों का आईटीआई में प्रवेश के लिए आवेदन करना सहज नजर आ रहा है. ऐसे में साफ़ तौर पर कहा जा सकता है कि सीट कम और विद्यार्थी अधिक होने के कारण दाखिला प्रक्रिया के लिए पूरजोर प्रयास करने होंगे तथा कम अंकों वाले विद्यार्थियों के लिए राजकीय आईटीआई में दाखिले की राह आसान नहीं होगी.

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