NCERT : अब नहीं चलेगी निजी स्कूल संचालकों की मर्जी, एनसीईआरटी की किताब ही पढ़ानी होंगी

पानीपत | निजी स्कूल संचालक अब किसी भी निजी प्रकाशन की पुस्तकें नहीं पढ़ा सकते हैं. बता दें कि अब उन्हें बच्चों को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद यानी एनसीईआरटी NCERT की पुस्तकें ही पढ़ानी आवश्यक है. ऐसे में हम आपको मुख्य रूप से जानकारी दें दे कि इसको लेकर गजट अधिसूचना जारी करने के साथ सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी डीईओ व डीईईओ को निजी स्कूलों में ये लागू कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं. इस दौरान अब निजी स्कूल मनमर्जी से निजी प्रकाशकों की पुस्तकें बच्चों पर थोपकर मोटा मुनाफा नहीं कमा पाएंगे.

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पढ़ाई जाएगी सिर्फ़ NCERT

अभिभावक बिजेंद्र का कहना है कि किताबों को लेकर निजी स्कूल संचालक इस दौरान काफ़ी हद तक अपनी मनमर्जी कर रहे हैं. जो न केवल एनसीईआरटी ( NCERT) की किताबों की बजाय अपनी मर्जी के निजी प्रकाशकों की पुस्तकें लागू कराते थे, अपितु किताबें खरीद को लेकर एक बुक डिपो तक निर्धारित कर देते है. जहां पर किताबों के मनमाने दाम वसूले जाते.

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अभी तक शिक्षा नियमावली 2003 के संशोधित नियम 10 के मुताबिक़ निजी स्कूलों में कोई भी पुस्तकें पढ़ाए जाने का प्रावधान था. किंतु, अब निजी स्कूलों में किताबों की मुनाफाखोरी पर रोक लगाने को लेकर वर्ष 2016 से मामला पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में विचाराधीन है. ऐसे में वर्ष 2016 में कुछ निजी स्कूल संगठन निजी प्रकाशकों की पुस्तकें लागू कराने के लिए उच्च न्यायालय में गए थे.

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