क्रिकेट के मैदान से दो अलग-अलग मगर अहम खबरें सामने आ रही हैं. एक तरफ भारतीय अंडर-19 टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशिया कप के फाइनल में जगह बना ली है, जहां उनका मुकाबला चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा. वहीं दूसरी ओर, टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की सीनियर टीम संघर्ष करती नजर आ रही है और नामीबिया के खिलाफ होने वाला उनका अगला मैच अब उनके लिए अस्तित्व की लड़ाई बन गया है.
अंडर-19 एशिया कप: भारत की शानदान जीत
दुबई के आईसीसी अकादमी ग्राउंड में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय अंडर-19 टीम ने श्रीलंका को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी. बारिश के खलल के कारण यह मैच 50 ओवर की बजाय 20-20 ओवर का कर दिया गया था. पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका की टीम ने निर्धारित ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 138 रन बनाए. लंकाई पारी में चमिका हीनातिगला और विमथ दिनसारा ने संघर्षपूर्ण पारियां खेलीं, लेकिन भारतीय गेंदबाजों, खासकर हेनिल पटेल और कनिष्क चौहान ने नपी-तुली गेंदबाजी करते हुए उन्हें बड़े स्कोर से रोक दिया.
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत में भले ही वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे जल्दी पवेलियन लौट गए, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने मैच का रुख पलट दिया. आरोन जॉर्ज और विहान मल्होत्रा ने मोर्चा संभालते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली. जॉर्ज ने तेजतर्रार अर्धशतक जड़ा, जबकि विहान ने नाबाद रहते हुए टीम को 18वें ओवर में ही जीत की दहलीज पार करा दी. इस जीत के साथ ही भारत ने फाइनल का टिकट कटा लिया है, जहां अब रविवार को एक महामुकाबला देखने को मिलेगा जब भारत और पाकिस्तान की युवा टीमें खिताब के लिए आमने-सामने होंगी.
टी20 वर्ल्ड कप: पाकिस्तान के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति
जहां जूनियर टीम फाइनल की तैयारी कर रही है, वहीं कोलंबो में मौजूद पाकिस्तान की सीनियर टीम मुश्किलों में घिरी है. भारत के हाथों मिली करारी हार के बाद पाकिस्तान का अभियान पटरी से उतरता दिख रहा है. अब सुपर-8 में जगह बनाने के लिए उन्हें नामीबिया के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी. समीकरण बेहद साफ हैं—हार का मतलब टूर्नामेंट से बाहर होना. नेट रन रेट के मामले में भी पाकिस्तान (-0.403) अमेरिका से काफी पीछे है, इसलिए सलमान अली आगा की अगुवाई वाली टीम पर दोहरी मार पड़ रही है.
बल्लेबाजी और गेंदबाजी में निरंतरता की कमी
पाकिस्तानी टीम की सबसे बड़ी चिंता उनकी बल्लेबाजी है, जो दबाव में बिखरती नजर आ रही है. भारत के खिलाफ मैच में उनका टॉप ऑर्डर और मिडिल ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह ढह गया था. पूर्व कप्तान और स्टार बल्लेबाज बाबर आजम पर खराब फॉर्म का भारी दबाव है, और टीम में उनकी जगह को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. साहिबजादा फरहान और सईम अयूब जैसे सलामी बल्लेबाज भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं. गेंदबाजी विभाग में शाहीन अफरीदी का लय में न होना पाकिस्तान के लिए सिरदर्द बना हुआ है. भारत के खिलाफ अंतिम ओवरों में उन्होंने काफी रन लुटाए थे, जिससे मैच का मोमेंटम पूरी तरह बदल गया था. नामीबिया के खिलाफ अफरीदी को शुरुआती ओवरों में ही विकेट चटकाने होंगे ताकि वे विपक्षी टीम पर दबाव बना सकें.
नामीबिया की चुनौती और उलटफेर का डर
भले ही पाकिस्तान कागजों पर मजबूत टीम हो, लेकिन नामीबिया को हल्के में लेना उनके लिए बड़ी भूल साबित हो सकती है. नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने अपनी चतुर रणनीतियों से सभी को प्रभावित किया है. भारत के खिलाफ मैच में उन्होंने जिस तरह तिलक वर्मा को आउट करने के लिए फील्डिंग और गेंदबाजी में बदलाव किया था, वह उनकी सूझबूझ को दर्शाता है. इसके अलावा, जेजे स्मट्स की बाएं हाथ की गेंदबाजी और लोरेन स्टीनकैंप की बल्लेबाजी किसी भी बड़ी टीम का समीकरण बिगाड़ सकती है. 2009 की चैंपियन टीम पाकिस्तान अगर इस मैच में भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाई, तो उनका वर्ल्ड कप का सफर यहीं खत्म हो सकता है.